उत्तर प्रदेश में वक्फ की नई नीति को मंजूरी, सुन्नी-शिया बोर्ड में होगी समानता… कैबिनेट मीटिंग में बदले कई नियम

वक्फ अधिनियम 1995 के तहत उप्र शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड व उप्र सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड के संचालन की प्रक्रिया में कई कमियां थीं।

अध्यक्ष के निर्वाचन की प्रक्रिया का उल्लेख भी नहीं था। वक्फ बोर्ड के निर्वाचन की विस्तृत प्रक्रिया के साथ ही चुनाव परिणाम घोषित किए जाने की व्यवस्था की गई है।

औकाफ के सर्वेक्षण के बाद आयुक्त की रिपोर्ट प्रस्तुत किए जाने के नियम भी तय किए गए हैं।  वक्फ बोर्ड के मुख्य कार्यपालक अधिकारी की सेवा शर्तें, अधिकार व कर्तव्य भी निर्धारित कर दिए गए हैं।

अब औकाफ का बजट भी निर्धारित होगा।

वक्फ अधिनियम का उल्लंघन करने पर अब अंतरित संपत्ति की वसूली भी की जा सकेगी।  मुतवल्ली को हटाने की प्रक्रिया भी निर्धारितवक्फ अधिनियम की धारा 54 के तहत वक्फ संपत्ति से अतिक्रमण हटवाने के लिए नोटिस, जांच व नुकसान के निर्धारण के नियम भी तय किए गए हैं।

मुतवल्ली को हटाने की प्रक्रिया भी निर्धारित कर दी गई है।

साथ ही वक्फ बोर्ड को अब निर्धारित प्रारूप में सरकार को रिपोर्ट भेजनी होगी।  इसके अलावा, वक्फ प्रबंध समितियों के आदेशों को प्रकाशित किए जाने, वक्फ प्रशासन से जुड़ी जांच, मुतवल्ली द्वारा वार्षिक अंशदान के भुगतान, वक्फ निधि समेत अन्य बिंदुओं पर विभिन्न नियम निर्धारित किए गए हैं। वक्फ अधिकरण के अध्यक्ष व सदस्यों की नियुक्ति, कर्मचारियों की नियुक्ति अब तय नियमों के अनुरूप होगी।

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