Hathras Satsang Stampede: हाथरस की तरह ही हरिद्वार में भी दो बार मचा मौत का तांडव, भगदड़ में गई थीं 28 जान

8 नवंबर 2011 का स्‍याह दिन हाथरस में सत्‍संग में हुई भगदड़ की घटना ने हरिद्वार के जख्‍मों को भी हरा कर दिया है।

मंगलवार को हाथरस में मचे इस मौत के ताडंव के बाद धर्मनगरी हरिद्वार के हर बाशिंदे को 8 नवंबर 2011 का वह स्‍याह दिन याद आया। जानकारी के मुताबिक, 8 नवंबर 2011 को हरिद्वार में गंगा नदी के तट पर हरकी पैड़ी घाट पर भगदड़ मच गई थी।

हरकी पैड़ी के पार नीलधारा के निकट मची भगदड़ में 20 लोगों की जान चली गई थी।

इनमें 14 महिलाएं थीं।

वहीं घटना में 50 से अधिक लोग घायल हो गए थे। उस दिन शांतिकुंज आश्रम के संस्थापक पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य का जन्मशती समारोह मनाया जा रहा था।

नीलधारा से लगे लालजीवाला में बने 1551 यज्ञकुंडों में आहुति देने के लिए बड़ी संख्या में गायत्री साधक एकत्र हो गए थे। यज्ञ के धुएं से बेचैनी महसूस करने लगे लोग भीड़ अधिक होने के कारण बाकी साधकों को बाहर ही रोक दिया गया।

इसी बीच यज्ञ से उठते धुएं के कारण कुछ लोग बेचैनी महसूस करने लगे और बाहर निकलने लगे।

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